समाचार कौन बनाता है.. ?
मेरी बात अपने एक मित्र से हो रही थी.. रिचर्ड गियर और शिल्पा शेट्टी जुड़ी उस चुम्बन के बारे में .. जिसके बाद पूरे देश में ऐसा हंगामा हो गया.. कि आज तक लोग बाग़ गिरती हुई नैतिकता के स्तर से परेशान हैं.. और इस के लिये ज़िम्मेदार शिल्पा और गियर को क़ानून की ज़द में ले लेना चाहते हैं..
एक स्त्री जिसे चूमे जाने से कोई परेशानी नहीं.. एक पुरुष जो आसानी से दुनिया की किसी भी औरत को हम बिस्तर कर सकता है..(हर औरत को नहीं, मैं सामान्यीकरण कर रहा हूँ) .. उनका चुम्बन लोगों के नैतिक विवाद का विषय है.. जो लोग अपने ही घर में माँ, बाप, दादा, दादी, बेटे, बेटियों के साथ बैठ कर टी वी पर हिन्दी फ़िल्मो गानों और न्यूज़ चैनल्स पर दिन रात सचमुच अश्लील गाने और अश्लील विज्ञापन संदेश, और कहीं ज़्यादा अश्लील समाचार देखते थकते नहीं.. जिस देश की सड़कों पर सामान्य साज सज्जा में निकलने वाली लड़्कियां भी सुरक्षित नहीं.. वो लोग शिल्पा की आबरू के बारे में चिन्तित हैं..
जो लोग अपने सामान्य बातचीत के भाव बिना गालियों के अलंकार के प्रेषित नहीं कर पाते.. जो लोग अपने ही देश को सब मिल कर नोच रहे हैं.. जहाँ से जो पा रहे हैं खसोट रहे हैं.. उन्हे ये चुम्बन तो अश्लील लगता है पर बाकी कुछ अश्लील नहीं लगता.. और लगता होगा अगर किसी को तो कम से कम इतना तो नहीं कि उस के खिलाफ़ रोये गाये..
आप खुद सोचिये क्या अश्लील था उस चुम्बन में.. आपने पहले चुम्बन नहीं देखा.. सबने देखा है.. स्त्री पुरुष का अश्लील सहवास भी चोरी छिपकर अपनी मर्जी से देखा है.. और तो और आजकल अखबारों तक में नंगी तस्वीरें छ्पना आम बात है.. कोई आवाज़ नहीं उठाता.. तो किस बात के लिये हुआ इतना सब नाटक.. इतना सब पाखण्ड..
आपको शायद याद न हो तो याद दिला दूँ.. ये घटना है १६ अप्रैल २००७ की .. और उस से एक रोज़ पहले उत्तर प्रदेश के किसी दूर दराज़ के इलाक़े में हमारे सुन्दर राजकुमार राहुल बाबा ने अपने ओजस्वी वाणी में दो चार बातें उनके परिवार और पाकिस्तान के विभाजन के सम्बंध से कहीं थी.. जिसके चलते उनकी राजनैतिक समझदारी और वाकपटुता के संदर्भ की सारी पोल पट्टियां उजागर हो गईं ..
न सिर्फ़ देश के भीतर के गैर काँग्रेसी दल बल्कि पडो़सियों को भी सरकार और काँग्रेस को गरियाने का एक अच्छा मौका मुह्य्या हो गया था.. लगा कि न सिर्फ़ यू पी बल्कि देश की सत्ता पर से काँग्रेसी दावे का शेर लड़खड़ा कर ढेर हुआ जाता है.. पर इस शिल्पा शेट्टी और रिचर्ड गियर के चुम्बन ने उसे पूरी तरह आच्छादित कर दिया..
आप को लगता है कि ये सिर्फ़ एक संयोग था.. और इसके पीछे कोई मंच संचालन नहीं था.. मेरे मित्र इसे संयोग नहीं मानते.. उनका खयाल है कि आम जनता का ध्यान मुद्दो से हटाने के लिये उन्हे जान बूझ कर गैर राजनैतिक मुद्दो में फँसाया जा रहा है.. जैसे कि सरकार का मेहनत मशक्कत कर के सुनिश्चत करना कि दूरदर्शन पर क्रिकेट का सीधा प्रसारण हो.. ये सारा कुछ एक तयशुदा नीति के तहत किया जाता है .. और ये भी एक ऐसा ही मामला है..
आप इससे सहमत हों कोई ज़रूरी नहीं मगर एक बार फिर से सोचे.. आप के लिये अच्छा मसाला है..



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