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"कैसे" से पहले आता है "क्या"

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 ज्यादातर लोग एक मानसिक बीमारी से ग्रस्त होते हैं। वह होती है - एनालिसिस पैरालिसिस। यानी विश्लेषण करने की क्षमता का अभाव। हर आधमी पर मुसीबतें टूटती रहती हैं, कभी घर के स्तर पर तो कभी काम के स्तर पर।किसी दिन घर में पत्नी और बच्चे बड़ी टीवी की मांग कर लें और आप के पास पैसे न हों, तो आप ऐसी ही समस्या से गुजरते हैं। कभी बास किसी नए प्रजोक्ट के बारे में प्लान बनाने को कह दे और यह सूझे ही नहीं कि क्या किया जाना चािहए, तो भी यही स्थिति बनती है। एनालिसिस पैरालिसिस के कारण आपका विकास रुक जाता है, क्योंकि आप नए तरीके से नहीं सोच पाते। समस्याओं का समाधान नहीं कर पाते।हर काम एक समस्या होती है। इसिलये समस्या का समाधान नहीं कर पाने वाले लोग काम भी नहीं कर पाते। विकास के लिये समस्याएं बहुत जरूरी है, क्योंकि जब तक आप समाधान नहीं कर सकते, तब तक आप अपने विकास का दावा भी नहीं पेश कर सकते।एनालिसिस पैरालिसिस से बचा जा सकता है। सिर्फ अपना दिमाग ठण्डा रखने और अभ्यास करने की जरूरत है। आपको तीन बातों पर ध्यान देना चाहिए
  1. आपको क्या करना है
  2. आपको यह काम क्यों करना है और
  3. यह काम किस तरह करना है।

अधिकांश लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उन्हें क्या करना है, लेकिन वे इस चिंता में दुबले होते जाते हैं कि किस तरह करना है। जब आप जान लेंगे कि आपको क्या करना है, तब आप उसके कारण को जानिये कि यह काम किसलिये करना है। ये दोनों चीजें क्लीयर हो जाएं, तो यह अपने आप पता चल जाता है कि यह काम किस तरह किया जाना है।समस्या सामने आई, तो दिमाग में पहले इन्हीं सवालों के जवाब खंगालिये।
अगर समस्या विशाल है, तो कागज पर इन सवालों के जवाब समेटिये। काम को उसकी बुनियाद से पकड़िये और उसके बाद अपने दिमाग पर ज्यादा से ज्यादा विश्वास करने की कोशिश कीजिये। अपने आत्मविश्वास को बढाने के उपाय कीजिये।और हां, दूसरों की आलोचना और मजाक को एक भी कान से मत सुनिये। ये चीजें करने पर ही एनालिसिस पैरालिसिस को तोड़ा जा सकता है। उसके बाद लगातार अभ्यास करते रहिये कि वही स्थिति कभी दुबारा न आ खड़ी हो।

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