Home | कैफेलाइफ | छूलो आसमां : समस्या के समाधान का तरीका
Newsletter
Email:

छूलो आसमां : समस्या के समाधान का तरीका

Font size: Decrease font Enlarge font
image

समस्या के समाधान का तरीका किसी भी समस्या को सुलझाने के लिये दो तरह के तरीके होते हैं। पहला समस्या को सुलझाने का सबसे आसान तरीका और दूसरा चतुर तरीका। आप देखेंगे कि समस्या को सुलझाने के लिये जितना कारगर आसान तरीका होता है वहीं चतुर तरीका थोड़ा कठिन।

थामस आल्वा एडीसन का नाम आपने सुना ही होगा जिन्होंने बल्ब में लगने वाले फिलामेंट का अविष्कार किया था। उनके बारे में कहा जाता है कि इंजीनियरों को काम पर रखने का एडीसन का तरीका अद्भुत था। वे उम्मीदवार को बिजली का बल्ब देते थे और पूछते थे - इसमें कितना पानी आ सकता है। आमतौर पर इंजीनियर उस समस्या को सुलझाने के लिये दो विधियों का इस्तेमाल करते थे। पहला तरीका था यंत्रों से बल्ब के सभी कोणों को नापना और फिर उन आंकड़ों के द्वारा सतह के क्षेत्रफल की गणना करना। इस विधि में 20 मिनिट का समय लग जाता था। दूसरा तरीका यह था कि बल्ब को पानी से भर लिया जाए और फिर उस पानी को नापने वाले कप में भरकर निष्कर्ष तक पहुंचा जाए। जिसमें आमतौर पर एक मिनिट का समय लगता था। एडीसन ने कभी उन इंजीनियरों को नौकरी पर नहीं रखा, जिन्होंने पहली विधि का प्रयोग किया। यहां आसान समाधान खोजने वाले ही होशियार माने जाएंगे।

समस्या को प्रभावी ढंग से सुलझाने का दूसरा तरीका निर्णय लेने की योग्यता है। समस्याओं को जल्दी सुलझाना आपकी प्रगति के बेहद आवश्यक है। अगर आप इसे गलत तरीके से सुलझाते हैं तो यह दुबारा लौटेगी और आपके गाल पर खींचकर चांटा मारेगी और फिर आप इसे सही तरीके से सुलझा सकते हैं। पानी में निष्क्रिय पड़े रहना और कुछ न करना एक आरामदेह विकल्प है, परन्तु यह जिन्दगी जीने का अर्थहीन तरीका है। ऐसे आसान समाधान खोजने में उनकी मदद करें जो सही तरीके से काम करें... और उससे ज्यादा जरूरी है उन पर बिना देरी किये अमल करना।

साभार : http://chhooloaasmaan.blogspot.com/index.html

Comments (0 posted):

Post your comment comment

Please enter the code you see in the image:

  • email Email to a friend
  • print Print version
  • Plain text Plain text
Tags
No tags for this article
Rate this article
1.67