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छूलो आसमां : धन के नियम तोड़ने होंगे

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कुछ दिन हुए बिजनेस स्टेंडर्ड का विज्ञापन होल्डिंग देखने में आया. काफी प्रभावी लगा उसका विज्ञापन। विज्ञापन में सिर्फ दो पंक्तियां लिखी हुई थी- `मैं पैसे के लिये काम करता हूं, मैं अपने काम से पैसा बनाता हूं`...बस, और कुछ नहीं।

बात समझने की है. अगर आप जिन्दगी में अच्छे से जीवन बिताना चाहते हैं तो धन की चिंता में दुबले होने के बजाय अन्य स्त्रोतों की तरफ धयान दें. अपनी सोच में परिवर्तन में लायें, क्योंकि आपको एक निश्चित आय के स्त्रोत वाले नियम से बाहर निकलना होगा. आपके पास एक निश्चित वेतन है, ऐसा कहकर आप अपने आपको बांध नहीं सकते. वेतन या आय एक माध्यम है, स्त्रोत नही. दरअसल ऐसे अनगिनत स्त्रोत हैं. इसके लिये हमें खुद को तैयार रखना चाहिए. हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि मांग की आपूर्ति कहीं से भी, कभी भी हो सकती है. हम धन कमाने का प्रयास तो करते हैं, लेकिन कभी इस तरफ ध्यान नहीं देते कि छोटी-छोटी और नई चीजों से भी धन कमाया जा सकता है. मैं एक काफी शाप में ब्रेकफास्ट के लिये जाया करता हूं, एक दिन मैं वहां कुछ लिखने का मूड हुआ तो अपने लेखन का सामान लेकर बैठ गया. एक सज्जन जो मुझे काफी देर से देख रहे थे मेरे पास आये और पूछा कि क्या मैं लिखता हूं. मेरे हां कहने पर उसने मुझे एक कार्ड देकर कहा इस पर विवाह की शुभकामना के लिये कोई अच्छा सा संदेश लिख दें, बदले में आपका ब्रेकफास्ट मेरी तरफ से. मै थोड़ा चौंका फिर लिख दिया और बदले में 160 रुपये की बचत हुई सो अलग. यानी उस संदेश से मैनें 160 रुपये कमा लिये.

इस छोटी सी घटना से आपकी सोच में भी परिवर्तन आ सकता है. हम सभी एक साथ एक स्त्रोत से या कई स्त्रोतों से खूब सारा धन इसलिये कमाते हैं कि खुशहाल जिन्दगी बिता सकें. इसलिये जरूरी हो जाता है कि हम कमाए पैसों का समय-समय पर आनन्द उठायें. तभी हमारी कमाई का असली मजा है. इसलिये अपनी रुचि की चीजें खोजें. वो सभी काम करें, जिनसे आपको खुशी या आनन्द मिलता है. अपने चारों तरफ नजर और दिमाग रखें कि कहां-कहां से छोटी-छोटी बातों से आप पैसा बना सकते हैं.

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