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हर काम शुरु में सिर्फ एक विचार होता है

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शहर छोटा हो या बड़ा, वहां एक सिनेमाघर तो होता ही है। ज्यादातर सिनेमाघरों में फिल्मों का शो बारह बजे से शुरु होते हैं। यानी सुबह से लेकर दोपहर बारह बजे तक का समय खाली होता है। क्या इस खाली समय में कोई रचनात्मक काम वहां पर नहीं हो सकता।  यह एक विचार मात्र है। पांच घण्टे तो बहुत होते हैं। अगर एक घंटा फिल्म के प्रदर्शन के पहले की तैयारी के लिये भी छोड़ दिया जाए, तो चार घंटे बचते हैं। एक बड़ा काम करने के लिये चार घंटे बहुत होते हैं। मसलन, उस वक्त में सिनेमाघर में एक ई-स्कूल चलाया जा सकता है। यानी उसमें सिर्फ बच्चे हों और सुपरवाइजर्स हों। सामने स्क्रीन पर टीचर पढाता हुआ दिखे। टीचर कहीं भी हो सकता है, किसी भी शहर में, वह बच्चों को पढाता रहे और बच्चे और टीचर दोनों ही वीडियो कांफ्रेंसिंग या इन्टरनेट के जरिये एक दूसरे से आपस में कनेक्ट रहें। इस तरह एक टीचर एक समय में एक साथ कई शहरों में पढा सकता है। बच्चे को अगर कोई सवाल पूंछना है, तो इंटरनेट के जरिये टीचर से तुरन्त पूंछ सकता है और टीचर भी स्क्रीन पर पूरे डिस्प्ले के साथ उसका जवाब भी दे सकता है। ऐसे समय में जब कक्षाओं की बोरियत खत्म करने के लिये तमाम उपाय किये जा रहे हैं, क्या इस तरीके से पढाई को ज्यादा रोमांचक नहीं बनाया जा सकता।

क्या यह पढाई के लिये लार्जर देन लाइफ वाला अनुभव नहीं दे सकता। बिल्कुल हो सकता है। पहले ही कह दिया गया है कि यह एक विचार मात्र है। जब इस पर विचार करके आर एंड डी की जाएगी, तो इसमें आने वाली दिक्कतों के बारे में भी पता चलेगा। दिक्कतें सामने आएंगी, तो उन्हें सुलझाने का तरीका भी सामने आएगा। मसलन, क्या हाल में रोशनी के बाद भी पर्दे पर सब कुछ साफ दिखेगा। बैठने के लिये जगह तो है, क्या लिखने के लिये बच्चों को डेस्क भी मिल सकेगी। क्या वह डेस्क जिस तरह हवाई जहाज में सामने वाले की सीट के पीछे से एक बोर्ड निकाल लिया जाता है, उस तरह की होगी। आदि-आदि। शुरुआत में हर काम सिर्फ एक विचार होता है। बाद में उस पर रिसर्च की जाती है और उसे अमल में लाने के लिये उस विचार में दस किस्म के सुधार किये जाते हैं। यह विचार भी इसलिये है कि सिनेमाघर और इस तरह के कई हाल लम्बे समय तक के लिये खाली पड़े रहते हैं। उस वक्त में उनका कोई इस्तेमाल नहीं हो पाता। ऐसे में अगर उनका कोई कारगर इस्तेमाल हो जाता है, तो जीरो में से सौ निकाल लेने जैसा होगा। इसमें सबका फायदा है.

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