जिन्दगी हर इंसान को एक मौका देती है
बिल गेट्स का कथन है- अगर आप गरीब पैदा हुए हैं तो इसमें आपका कोई दोष नहीं। लेकिन अगर गरीब के रूप में मरते हैं, तो इसमें पूरी तरह आपका दोष है। कितनी सटीक बात है। आप किसके घर पैदा होते हैं, यह आपके बस में तो है नहीं। आप कुछ नहीं कर सकते। मान लीजिये कि आप गरीब के घर पैदा हुए, पर अगर आप मरते समय भी गरीब ही बने रहते हैं, तो इसका मतलब यह हुआ कि आपको जो 50-60 साल की जिन्दगी मिली, उसका आप कुछ कर कर नहीं पाए। आपने अपनी जिन्दगी को सिर्फ बरबाद किया।
जिन्दगी हर इंसान को मौके देती है। एक नहीं, दस-दस बार। कई बार वह इंसान उन मौकों को पहचान लेता है और आगे बढ जाता है तो कई बार नहीं पहचान पाता। ऐसा जीवन जीने वालों को अपने जीवन के बारे में बार-बार सोचना चाहिए और उसे दुरस्त करने की कोशिश करनी चाहिए। नवम्बर शुरु हुए अभी सिर्फ तीन दिन ही हुए हैं। यह मौका है अपने आपको तौलने का। आप कहां है और आने वाले एक साल में आप कहां पहुंच सकते हैं, इसको पूरी तरह जांच लेने का। अगर आपको आज तक गरीबी में जान गंवाने का अर्थ समझ में नहीं आया है, तो अब समझ लें। अपने आपको प्लान करें। जरूरी नहीं कि इस एक साल में आप सीधे बिल गेट्स बन जाएं, लेकिन हां, कोशिश जरूर कर सकते हैं।
पहले अपनी क्षमताओं का आकलन करें और पहचानने की कोशिश करें कि आखिर वे कौन सी चीजें है, जिन्होंने अब तक आपकी प्रगति को रोके रखा। खुद की ऐसी खामियों को दूर करें। अपने लिये एक लक्ष्य बनाएं कि अगले साल अप्रैल के पहले दिन इस कमाई में कम से कम 15 से 20 फीसदी इजाफा जरूर करेंगे। अगर उस समय नहीं कर पाएं तो उसके कारणों पर जरूर विचार करें। तो सोचने का समय नहीं है। छह दिन तो बीत गए हैं। बचे हुए 36० दिनों को प्लान कीजिये और प्रगति की राह पर कदम बढाइये।



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