आप अगर 2007 में रहते हैं, तो...
आइये आज हम कुछ ऐसी बातों को शेयर करते हैं जिससे पता चलता है कि हम कितने व्यस्त हैं, भुलक्कड़ हैं और हमने अपने आस- पास तकनीक की कितनी सारी चीजों को जमा कर लिया है। यानी इन बातों से पता चलता है कि हम 2007 में रहते हैं।
1- आपने गलती से अपने एक बैंक के एटीएम का पासवर्ड अपने दूसरे बैंक के एटीएम में टाइप कर दिया।
2- आपको ताश के असली पत्तों से सालीटेयर खेले हुए बरसों बीत गये हैं।
3- आपके परिवार में तीन लोग हैं और उनसे बात करने के लिये आपने उनके नामों से दस फोन नम्बर सेव कर रखे हैं।
4- आप उस आदमी को ई-मेल करते हैं जो दफ्तर में ठीक आपके सामने की टेबल पर बैठा हुआ है।
5- आप अपने परिवार और दोस्तों में से कई लोगों के सम्पर्क में नहीं रह पाते, क्योंकि उनके पास ई -मेल आईडी या मोबाइल नहीं है।
6- आप अपनी गाड़ी पार्क करते हैं और अपने घर मोबाइल से फोन लगाते हैं कि घर में कोई है या नहीं, अगर है तो जरा नीचे आए और सामान उठाने में मदद करे।
7- टीवी पर जितने विज्ञापन आते हैं, उनमें नीचे उनकी वेबसाइट का एड्रेस लिखा होता है और आप उसे देखते हैं।
8- आपने अपनी जिन्दगी के कई बरस बिना मोबाइल फोन के बिताए हैं, लेकिन अब दो मिनिट भी उससे दूर नहीं रह सकते। वह थोड़ी देर के लिये भी दूर हो जाता है तो आप घबरा जाते हैं।
10- आप सुबह उठते हैं और चाय पीये बगैर ही कम्प्यूटर पर बैठ जाते हैं।
11- आप इन पंक्तियों को पढ़ रहे हैं और मुस्कुरा रहे हैं।
12- उससे भी बुरी स्थिति यह है कि आप पढ़ते-पढ़ते यहां तक पहुंच गये , लेकिन आपने ध्यान नहीं दिया कि पाइंट नम्बर नौ तो इसमें है ही नहीं। अब आप आठ के बाद उसे ढूंढ रहे हैं और दस के पहले वह है ही नहीं।
जी हां, आजकल यह संदेश बहुत चल रहा है। इसमें थोड़ा हास्य भी है, लेकिन यह कई बातों की कड़वी सच्चाई को भी बताता है। आज से दस साल पहले तक यह बातें सोची नहीं जाती थी। दस साल पहले तक आपको कई लोगों के फोन नम्बर याद रहते थे। अब नहीं रहते अब तो बैंक का अकाउन्ट नम्बर भी 13 से 15 डिजिट का हो गया है। एटीएम पासवर्ड भी याद रखना जरूरी है तो ईमेल आईडी का पासवर्ड भी। यानी आपके दिमाग पर अब पहले से ज्यादा जोर है। कई चीजों में तकनीक आपकी मदद कर देती है , लेकिन कई बार परेशानी भी खड़ी कर देती है। ऐसे में इन पंक्तियों को पढा जाए, और यह जानने की कोशिश की जाए , हम कहां पर तकनीक के चंगुल में है।



del.icio.us
Digg
Comments (0 posted):
Post your comment