गोदान डाउनलोड करें
गोदान का सर्वप्रथम प्रकाशन 1936 में हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय बम्बई द्वारा किया गया. यह मुंशी प्रेमचन्द का पूरा किया गया अन्तिम उपन्यास है.
गोदान में भारतीय ग्राम समाज एवं परिवेश का सजीव चित्रण है.
आप इस उपन्यास को यहां से डाउनलोड करें, खुद पढे़ एवं अपने मित्रो को भी पढ़ने के लिये वितरित करें.
हमें आपके सुझावों की प्रतीक्षा है.
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