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इलायची की खुशबू पड़ेगी महंगी

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इलायची पैदा होने वाले इलाकों में पानी की कमी से इसके पौधों को जमकर नुकसान हुआ है जिससे अगले सीजन में इलायची का उत्‍पादन 70 फीसदी रहने के आसार है। उत्‍पादन में गिरावट आने की खबरों से इलायची के दामों के भड़कने की तैयारी हो चुकी है और जल्‍दी ही यह 500 रुपए प्रति किलो बिक सकती है।

केरल के इलायची उत्‍पादक इलाकों में पिछले महीने जरुर कुछ बारिश हुई थी लेकिन यह इतनी नहीं थी कि इलायची के पौधों की प्‍यास का बुझा सके। पिछले नवंबर से लेकर अब तक इलायची की फसल को खासा नुकसान हो चुका है और अब उसकी भरपाई होना अंसभव हैं। केरल में इलायची के 30/50 फीसदी पौधों को तगड़ा नुकसान हुआ है, जिसके बाद यह माना जा रहा है कि अगले सीजन में 70 फीसदी इलायची का ही उत्‍पादन होगा। इलायची उत्‍पादक उन इलाकों की स्थिति ठीक हैं जहां सिंचाई सुविधाएं हैं। केरल के इदुकी जिले में इलायची के मुख्‍य उत्‍पादन केंद्रों उदमबनचोला, राजाक्‍काड, सांतापारा और वेदनमेडू में इलायची के पौधों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ है।

इलायची उत्‍पादकों का कहना है कि अगले सीजन में इलायची का उत्‍पादन 9/10 हजार टन रह सकता है। इलायची का उत्‍पादन कम होने का संकेत तो केरल व तमिलनाडु के क्षेत्रीय नीलामी बाजारों में आई इलायची रही। यह आवक 2 मई तक 7511 टन रही जबकि पिछले सीजन में यह आवक इन दिनों 8636 टन थी। साथ ही पिछले साल इलायची की आवक नवंबर से दस अप्रैल तक बनी रही थी। सूखा और नई फसल कम आने के अनुमान से अब जून व जुलाई के दौरान इलायची की आवक कम रहेगी और यह आवक अगस्‍त अंत तक शुरू होगी। इस समय देश भर में इलायची का स्‍टॉक 50/60 हजार बोरी (प्रति बोरी 50 किलो) बचा हुआ है और रोजाना 600/700 बोरी इलायची का कारोबार हो रहा है।

वर्ष 2006/07 में इलायची का उत्‍पादन 11000 टन रहा। गौरतलब है कि वर्ष 2005/06 के दौरान सर्वाधिक इलायची 12540 टन पैदा हुई थी। वर्ष 2004/05 में 11415 टन, वर्ष 2003/04 में 11580 टन इलायची का उत्‍पादन हुआ था। केरल में वर्ष 2005/06 में इलायची का उत्‍पादन 9765 टन रहा जो वर्ष 2004.05 में 8616 टन था। इन्‍हीं वर्षों में कर्नाटक में इलायची का उत्‍पादन 1879 टन और 1775 टन रहा। तमिलनाडु में इलायची का उत्‍पादन 1000 टन और 920 टन रहा था। इलायची के निर्यात की बात करें तो वर्ष 2000/01 में यह 1545 टन था जो वर्ष 2005/06 में यह केवल 875 टन रहा। वर्ष 2005/06 में इलायची का निर्यात 550 टन के करीब रहा। जबकि अप्रैल से फरवरी 2007 के दौरान इलायची का निर्यात 482 टन रहा। बीते वित्‍त वर्ष में इलायची का निर्यात कम रहने की मुख्‍य वजह इसकी बढ़ती घरेलू मांग और ऊंचे दाम रहे। घरेलू बाजारों में इस समय इलायची आठ एमएम बोल्‍ड 480/520 रुपए, 7.5 एमएम 430/470 रुपए और 7 एमएम 380/420 रुपए प्रति किलो बिक रही है।

साभार : http://moltol.blogspot.com

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