खाली हाथ आया है...खाली हाथ जाएगा
शेयर बाजार में गिरावट आने के संकेत हमने 29 मई को ही दे दिए थे कि अगले महीने खासकर दस जून तक बाजार में खासी गिरावट आ जाएगी लेकिन अनेक निवेशकों ने इसे नजरअंदाज करते हुए लांग पोजीशन जारी रखी। हालांकि, यह करेक्शन या गिरावट का दौर अभी पूरा नहीं हुआ है और इसके जारी रहने के अलावा शेयर बाजार उतार चढ़ाव की सीढि़यों पर चलता रहेगा। गिरावट का संकेत मिलने के बावजूद हर सुबह तेजी की उम्मीद पाले अनेक निवेशकों ने अपनी लांग पोजीशन खत्म नहीं की और अब पूछ रहे हैं बाजार का क्या हाल रहेगा।
दस जून के बाद भी शेयरों में गिरावट जारी है, शेयर बाजार सुबह 150 अंक तक बढ़ जाता है तो बंद होते होते मंदी का दामन थाम लेता है। अब जो मंदी है उसका एक बड़ा कारण बाजार में पैसे की कमी है। डीएलएफ, विशाल रिटेल और अब आईसीआईसीआई बैंक के मेगा इश्यू ने सैकेंडरी बाजार से पैसा खींचा है जिससे बाजार को उठने में सहायता नहीं मिल रही है। यदि इन तीनों कंपनियों के पब्लिक इश्यू के बीच 10/15 दिन का अंतर रहता तो बाजार की स्थिति कुछ और ही होती। इस स्थिति में गिरावट में लिपटा बाजार हो सकता था कि जून अंत तक 15 हजार अंक को पार कर जाता। लेकिन फिर भी हम निवेशकों से कहना चाहेंगे कि वे अपने बेहतर स्टॉक घाटे की स्थिति में न बेचें। हां, घटिया स्टॉक्स से जितना जल्दी हो छुटकारा पाने का प्रयास करें। यहां हम एक बात फिर से दोहराना चाहेंगे कि यदि आपको शेयर बाजार का कुछ भी गणित नहीं आता या फिर आप रिसर्च जैसे काम नहीं कर सकते तो पावर कंपनियों और पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों में आंख बंदकर निवेश कर सकते हैं, बाजार किसी भी स्थिति में चला जाए, आप इस क्षेत्र के निवेश पर धोखा नहीं खा सकते।
हमारा मानना है कि चालू सप्ताह में बीएसई सेंसेक्स 14425 से 13790 के बीच घूम सकता है। निवेशकों से हम एक बात और कहना चाहेंगे कि इन दिनों कुछ ऐसे एसएमएस उन्हें मुफ्त में बगैर मंगाए मिल रहे हैं कि आप यहां निवेश करें और खूब कमाएं। अमुक शेयर इस भाव पर खरीदें, इसका टार्गेट यह है और स्टापलॉस इतना। इस तरह के एसएमएस फ्युचर एंड ऑप्शन यानी एफएंडओ शेयरों के लिए मिल रहे हैं। कई निवेशक इस तरह के एसएमएस को बेहतर रिसर्च एनालिस्ट के मानकर निवेश कर रहे हैं लेकिन उनके निवेश के साथ बताया गया स्टापलॉस लगता है और निवेशक घबराकर अपने शेयरों से निकल जाते हैं, जो इस तरह के एसएमएस भेजने वालों के हाथ सस्ते में लग जाते हैं। कम पैसा, ज्यादा शेयर, जल्दी अरबपति बनने का सपना पाले एक आम निवेशक के लिए एफएंडओ कुल मिलाकर जहर ही साबित हुआ है। हम एक बार फिर कहना चाहेंगे कि खुद अधिक से अधिक से पढ़ें और डिलीवरी बेस्ड कारोबार को वरीयता दें, न कि एफएंडओ को। जल्दी बड़ा निवेशक बनने का यह सस्ता सौदा लगने वाला रास्ता बेहद घातक है जो अंत में आपको खाली हाथ आया है और खाली हाथ लौटाने के लिए काफी है।
साभार : http://wahmoney.blogspot.com



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