उन्हें हमेशा दूसरों की ही चिंता रही

August 23, 2007

जन्म और मृत्यु के बीच का फासला एक अनिवार्य नियति है, लेकिन इतिहास में हर कोई दर्ज नहीं हो पाता. इसके लिए इस फासले को एक मकसद बनाना पड़ता है. कबीर के अनुयायी दशरथ मांझी ने जीवन के इस मकसद को बखूबी पहचाना.उस दिन की भेंट आखिरी भेंट होगी, यह मुझे पता नहीं था. पटना [...]

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मधुमेह : कुछ देसी नुस्खे और योग

August 23, 2007

डायबिटीज अब उम्र, देश व परिस्थिति की सीमाओं को लाँघ चुका है। इसके मरीजों का तेजी से बढ़ता आँकड़ा दुनियाभर में चिंता का विषय बन चुका है। मधुमेह रोगियों के लिए कुछ देसी नुस्खे पेश किए जा रहे हैं। इनमें से किसी को भी आजमाने से पूर्व अपने चिकित्सक से राय अवश्य ले लें। नींबू [...]

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अबके जनम मोहे बिटिया न कीजो

August 20, 2007

जाने-माने समजाशास्त्री रजनी कोठारी "राजनीति की किताब" में लिखते हैं कि स्त्रियों के प्रति भारतीयों का व्यवहार भारत की सबसे बड़ी समस्या है. रजनी कोठारी बिल्कुल सही कहते हैं. कोढ़ में खाज यह कि आधुनिक होने के घमंड ने सड़ी-गली सामाजिक व्यवस्था पर निर्णायक प्रहार कर दिया है. यह आधुनिक व्यवस्था है व्यवसाय का नजरिया. [...]

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कुछ अच्छी बेकार बातें

August 20, 2007

स्वतंत्रता दिवस के समारोह बीत गये। आजादी के पहले संघर्ष की वर्षगांठ के 150 सालों के समारोह भी अब अंतिम से दौर में हैं।बहुत अच्छी बातें बरसीं। कित्ते टन बरसीं, पता नहीं।ये लेक्चर वो लेक्चर, एक सतत अमेरिका-गामी प्रोफेसर ने न्यूयार्क से सिंगापुर के रास्ते में दिल्ली में रुक कर बताया कि देश को और [...]

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लोकतंत्र का राजा

August 20, 2007

पूरे राजमहल में दहशत और बेचैनी का माहौल था। हर शख्स परेशान। किसी अनहोनी की आशंका से खौफ़जदा। ऐसा पहली बार हुआ था। राजा लापता था। पिछले तीन दिनों से उसका कोई सुराग नहीं था। हर जगह ढूंढ लिया गया था लेकिन राजा की कोई ख़बर न थी। मजबूरी ये थी कि इस ख़बर को [...]

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शेयर बाजार में रहें सचेत

August 20, 2007

दुनिया भर के शेयर बाजारों में अमरीका के एक छोटे से कदम से गर्मी आ गई है। निवेशकों के चेहरे भी खिल उठे हैं। लेकिन अभी इस गर्मी के टिकने और बढ़ने के बारे में कोई भी आश्‍वस्‍‍त नहीं हैं। भारतीय शेयर बाजार के सेंसेक्‍स को देखें तो 14680 के आज के उच्‍च स्‍तर को [...]

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एक धीमी मौत – ३ एड्स संक्रमित देशों की सूची में भारत ऊपर

August 19, 2007

पिछली बार की चर्चा में हम विश्व के एड्स पीड़ित देशों की समस्या से अवगत हुए थे। परन्तु हमारे देश में इस महामारी की क्या स्थिति है, आइये इस बार का अंक इसी को समर्पित है।भारत में एड्स की मारयह बात सच है कि एड्स की बीमारी ने भारत में देर से प्रवेश किया। परन्तु [...]

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एक धीमी मौत–4 एड्स : आईये जाने इसका वैज्ञानिक पक्ष

August 19, 2007

पिछली मुलाकात में हमने भारत में एड्स की स्थिति को जाना था। इस बार का विषय है एड्स का वैज्ञानिक पक्ष क्या कहता है, अर्थात एड्स किस प्रकार हमारे शरीर में अपना जाल बुनता है व अंगों को खोखला कर देता है। एड्स (एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम)एच.आई.वी. का सबसे खतरनाक परिणाम एड्स के रूप में [...]

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इस लूट की छूट से विकास का कौन सा अध्याय शुरू होगा?

August 19, 2007

ऊपर से देखने पर बाजार में चहल-पहल वैसी ही है जैसे कल थी. लेकिन अंदर ही अंदर दिल्ली के दुकानदारों में हड़कम्प मचा हुआ है जो इस चहल-पहल का हिस्सा कतई नहीं है. दुकानदारों में यह हड़कम्प सीलिंग के डर से भी नहीं है.यह हड़कम्प रिलांयस, बिग बाजार और सुभिच्छा जैसी प्रतिद्वन्दियों ने पैदा किया [...]

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गौरव सोलंकी की क्षणिकायें

August 19, 2007

पीला दुपट्टाउस दिन भीड़ भरी बस में एक लड़की ने एक मनचले लड़के को तमाचा मारा था और तुम मेरे हाथ में अपने दुपट्टे का सिरा देखकर, प्यार से मुस्कुराई थी, जानती हो, पीले दुपट्टे और पीले सूट आज भी बहुत रुलाते हैं… बारात गली में से गुजरती हुई बारात देखकर बड़ी हवेली के चौबारे [...]

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