August 19, 2007
ये गांधीजी के बारे में शीला दीक्षित जैसी किसी नेता का भविष्य का बयान हो सकता है। एअरकंडीशंड, बेहतरीन ढंग से सजाए गए किसी मंत्री या नेता के कमरे में एक धोती में ही पूरे शरीर को ढंकने की कोशिश करने वाले अधनंगे आदमी की तस्वीर मैच नहीं करती न। होगा वो महापुरुष लेकिन आगे [...]
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August 19, 2007
रोटी!तुमने छीन लीआदमी सेउसकी आदमियतज़ुबां सेउसकी आवाज़कर दिया साबितसच को झूठन्याय के ही आंगन में। रोटी!तुमने खा लीहमारी भूख चबा लीविरोधी आवाज़। रोटी!मैं चकित हो जाता हूंतुम्हारी पाचन क्षमता पर तुम पचा जाती होइंसानियत, भूख,आंदोलन, ज़ुबां,सबकुछ। रोटी!सचमुचतुम बहुतमोटी हो गई हो। साभार: http://satyendra2007.blogspot.com/ ——————————————————————————–
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