एक और सरकारी 'मंत्र'?
सरकारी उपक्रम सीडॅक द्वारा अंग्रेज़ी से हिन्दी में स्वचालित अनुवाद करने वाले सॉफ़्टवेयर ‘मंत्र' (या मंत्रा?) का लोकार्पण - आम जनता के मुफ़्त इस्तेमाल हेतु - बहुत ही धूमधाम से किया गया था. धूमधाम से इसलिए कि उसका लोकार्पण भारत के (वर्तमान) सत्ताधारी नेताओं द्वारा किया गया. कम्प्यूटरों की दुनिया में सॉफ़्टवेयरों का लोकार्पण नेताओं के द्वारा किया जाना, मेरे खयाल में सिर्फ भारत जैसे अनूठे देशों में ही संभव हो पाता होगा.
माइक्रोसॉफ़्ट ने दिल्ली में एक्सबॉक्स 360 को जारी किया था. एक रंगारंग समारोह में अक्षय कुमार ने उसे जारी किया. जनता को पता चला कि एक्सबॉक्स 360 भी क्या चीज है. जब भारत सरकार के मंत्री ने मंत्र को जारी किया तो शायद जनता ने समझा होगा कि यह भी शायद गरीबी हटाओ जैसी कोई योजना का मंत्र है जिसे आम जनता के लिए जारी किया गया है. परंतु यह आम जन तक नहीं पहुँच पाया - जनता ने समझ लिया होगा कि शायद यह ‘प्रीमियम' पर कालाबाजारियों को उपलब्ध हो जाता होगा - राशन के केरोसीन और अनाज की तरह...
चलिए, अपने को लोकार्पण के तौर तरीकों से क्या? ‘मंत्र' लोकों में बढ़िया चले अपुन को इससे मतलब है. वैसे भी, आम खाने से मतलब होना चाहिए, न कि उनकी गुठलियाँ गिनने और छिलके के रंग की मीमांसा करने से.
इस परियोजना से सृजनशिल्पी जी भी जुड़े रहे हैं - जिन्होंने इस सॉफ़्टवेयर में अनुवादों में हिन्दी वर्तनी जाँच के महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, और अभी भी कोई दो लाख शब्दों की वर्तनी जाँच के महत्वपूर्ण कार्य में लगे हुए हैं. मंत्र सॉफ़्टवेयर की जाँच के दौरान यह पाया गया कि हिन्दी में मात्रा व वर्तनी की ग़लतियाँ नगण्य ही हैं. इसके लिए सृजनशिल्पी व उनकी टोली बधाई के पात्र हैं.
‘मंत्र' को जाँच-परख कर चलाकर देखने की और काम में लेने की मेरी ख्वाहिश, जिस दिन से यह समाचार सुना था, तब से थी. मैंने तुरंत ही उस सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड करने की कोशिश की, जिसकी कड़ी सृजनशिल्पी जी ने उपलब्ध करवाई थी. जिस स्थल से डाउनलोड करना था, वहाँ कड़ी ठीक से दिखाई नहीं दे पा रही थी और दरअसल पंजीकरण के उपरांत वास्तविक डाउनलोड कड़ी आपके ईमेल में प्राप्त होती थी. किसी वजह से आपका डाउनलोड टूट जाता है तो आपको नए सिरे से पंजीकरण करवाना पड़ता है क्योंकि वह कड़ी सिर्फ एक बार डाउनलोड हेतु उपलब्ध होती है. जैसे तैसे दो-तीन बार के प्रयासों से अंततः मैंने मंत्र को डाउनलोड करने में सफलता प्राप्त कर ही ली.
अनुवाद कैसा है यह तो आप, पाठक - तय करें.
मुझे तो लगता है कि ‘मंत्र' को आम उपयोग में आने में अभी बहुत समय लगेगा - अच्छा खासा समय लगेगा. हाँ, इसकी एक बात अच्छी है - आप इसे अपने अनुसार प्रशिक्षित कर सकते हैं, और अगर इसके डाटाबेस में यदि कोई अंग्रेज़ी पाठ इसके हिन्दी अनुवाद सहित उपलब्ध होता है तो यह पूर्णतः शुद्ध अनुवाद करता है. अन्यथा आपने स्वचालित अनुवाद का हास्यास्पद रूप देखा ही है - My name is Ravi को ‘अपनी नाम रावी है' तथा I am six years old को ‘मैं पूर्वाह्न छः पुराने वर्षों' अनुवादित करता है!
साभार : http://raviratlami.blogspot.com/2006/10/blog-post_18.html


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