बॉस पर पहली दृष्टि - पूर्णतः भारतीय लिनक्स
बॉस - ( BOSS ) भारत ऑपरेटिंग सिस्टम सॉल्यूशन - लाइव सीडी संस्करण 1.0 (तरंग) के जांच परख इस्तेमाल करने के बाद मेरा अंतिम मत कुछ-कुछ निम्न रहा-
प्रभावशाली, इस्तेमाल में आसान तथा भारतीय भाषाओं का आउट-ऑफ़-द-बॉक्स समर्थन.
बॉस एक नया लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम वितरण है जिसे आपके लिए सीडॅक लेकर आए हैं. बॉस का प्रमुख ध्येय है भारतीय भाषाओं में कम्प्यूटिंग संबंधी समस्याओं का समाधान, वह भी जीएनयू - यानी मुक्त व मुफ़्त स्रोत के संसाधनों से. इस वितरण में आपको वर्तमान में मुक्त स्रोत में मौजूद भारतीय भाषाओं के संसाधनों को संजोने की कोशिश की गई है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें स्किम (एससीआईएम - स्मार्ट कॉमन इनपुट मेथड) को भारतीय भाषाओं के लिए पूर्व नियोजित व पूरी तरह सक्षम कर रखा गया है. इसमें निम्न लिखित भाषाओं तथा संबंधित कुंजीपटों का समर्थन है-
भाषा उपलब्ध कुंजीपट:
- हिन्दी : इनस्क्रिप्ट, फ़ॉनेटिक, रेमिंगटन
- बंगाली : इनस्क्रिप्ट, प्रोभात (फ़ॉनेटिक)
- गुजराती : इनस्क्रिप्ट, फ़ॉनेटिक
- कन्नड़ : इनस्क्रिप्ट, केजीपी
- मलयालम : इनस्क्रिप्ट
- नेपाली : रोमन, पारंपरिक
- पंजाबी : इनस्क्रिप्ट, झेलम, फ़ॉनेटिक, रेमिंगटन
- तमिल : इनस्क्रिप्ट, फ़ॉनेटिक, रेमिंगटन
- तेलुगु : इनस्क्रिप्ट
- मराठी : इनस्क्रिप्ट
इन सभी भाषाओं के फ़ॉन्ट तथा कुंजीपट पहले से ही संस्थापित हैं जिन्हें सिर्फ एक माउस क्लिक के जरिए सक्षम किया जाकर सीधे ही किसी भी अनुप्रयोग में या ब्राउज़र में उस भाषा में लिखा जा सकता है. उपयोक्ता को और किसी अन्य प्रकार के सेटिंग करने या बदलने की आवश्यकता नहीं होती.
बॉस लिनक्स के इस वितरण में भारतीय ओपनऑफ़िस - भारतीय-ओ-ओ संस्करण का समावेश किया गया है. यदि आप हिन्दी भाषा के वातावरण में लॉगइन करते हैं तो आपको अन्य तमाम अनुप्रयोगों समेत, ओपनऑफ़िस भी संपूर्ण हिन्दी में अपने मेन्यू सहित इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होता है. इसके अतिरिक्त, इसमें एक विशेष अनुप्रयोग - डाक्यूमेंट कनवर्टर - दस्तावेज़ परिवर्तक को भी शामिल किया गया है जिसके जरिए आप माइक्रोसॉफ़्ट दस्तावेज़ों को ओपनऑफ़िस फ़ॉर्मेट में बदल सकते हैं. इसमें यूएसबी तथा ब्लूटूथ का भी पूरा समर्थन है.
एक कमी इसमें अखरती है वह यह कि इसमें मल्टीमीडिया का पूरा समर्थन नहीं है. इसमें बहुत से मीडिया फ़ॉर्मेट को बजाने व देखने के लिए मीडिया कोडेक्स को आपको अलग से संस्थापित करना पड़ेगा. एक अच्छी बात यह है कि इसमें आम उपयोक्ता के लिए विधियाँ दे दी गई हैं कि वह कैसे इन कोडेक को डाउनलोड कर संस्थापित करे. बॉस को इस्तेमाल करने के लिए पीडीएफ़ में गाइड एक भी है.

बॉस में एक और सुविधा है - यह एनटीएफ़एस पार्टीशनों पर लिखने-पढ़ने की सुविधा देता है. यानी आप लाइव सीडी से काम कर सकते हैं, और अपने काम को एनटीएफ़एस वॉल्यूम में सहेज सकते हैं. और यदि आपके पास हार्डवेयर क्षमता है तो आप 3डी डेस्कटॉप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं - जिसके लिए विंडोज़ विस्ता हाल ही में चर्चित रहा है.
बॉस को आप अपने हार्ड ड्राइव में संस्थापित तो कर ही सकते हैं, परंतु यदि आप संस्थापित नहीं भी करना चाहते हैं तो भी, इसमें यदि आप परसिस्टेंट होम डिरेक्ट्री इस्तेमाल करते हैं तो आप अपने प्रोग्रामों को अपग्रेड कर रख सकते हैं तथा नए प्रोग्राम संस्थापि कर रख सकते हैं. इसके लिए डेबियन पैकेजों के लिए apt की सुविधा तो है ही, आरपीएम पैकेजों के लिए alien की सुविधा भी दी गई है.
डिफ़ॉल्ट रूप में बॉस अंग्रेज़ी के वातावरण में बूट होता है, और हिन्दी वातावरण के लिए आपको डेस्कटॉप हिन्दी में स्विच करना होता है या लॉगआउट होकर हिन्दी भाषा में लागइन होना होता है. यदि भाषा का चयन बूट प्रक्रिया के दौरान दिया जाता जैसा कि एक अन्य भारतीय-बहुभाषी रंगोली लिनक्स में है, तो यह ज्यादा उत्तम होता. परंतु रंगोली में बहुत से बग थे. बॉस में हिन्दी में काम करते समय मुझे कोई बग नहीं मिला और दस्तावेज़ों तथा ब्राउज़रों में, इंटरनेट पर विचरण करते समय कहीं कोई मुश्किल नहीं आई.
आप बॉस लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की जीवंत सीडी यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए, बॉस का अंग्रेज़ी में विकि पृष्ठ यहाँ है.
अपने हार्ड डिस्क पर बिना संस्थापित किए (सीडी से सीधे बूट करें, परंतु रैम कम से कम 256 मेबा हो) लिनक्स सीखने के लिए तथा साथ ही साथ हिन्दी (या दूसरी अन्य उपर्युक्त सूची अनुसार भारतीय भाषाओं) में सारा कार्य करने के लिए निःसंदेह यह एक बेहतरीन संसाधन है.
हालाकि यह चित्र किसी सूरत बॉस से सम्बन्ध नहीं रखता है, मगर फिर सच्चे भारतीय पेंगुइन का प्रतीक तो है ही!
साभार: रवि रतलामी का हिन्दी ब्लाग



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