तब लड़कियों को छेड़ने का टाइम सैट होता था
मीडिया के नये छात्रों को पुराने गीत समझा रहा था। दिलीप कुमार वैजयंतीमाला के पुराने गीत –तुझे चांद के बहाने देखूं, तू छत पर आ जा गोरिये के- डांस-गाने का वीडियो चल रहा था।
एक छात्र ने पूछा-इस गाने में हीरोईन कौन है। हीरोईन नहीं दिख रही है।मैंने बताया
–वैजयंतीमाला हीरोईन हैं।छात्र बोला-जी कहां की हीरोईन हैं। इत्ते कपड़े पहने हुई हैं। इत्ते कपड़े तो अब हीरोईन की मम्मी भी नहीं पहनतीं। हम तो इतने कपड़े पहनने वाली को दादी मानते हैं। पर दादी हीरोईन कैसे हो सकती है। कुछ घपला है।मैंने समझाया
-बेटा कोई घपला नहीं है। गीत को समझो, देखो, सुनो कितनी सुंदर बात कही गयी है। तू छत पर आ जा गोरिये। कितने सीधे बोल हैं। हैं ना।मैंने गीत के सौंदर्यशास्त्र में घुसने का प्रयास कर रहा था।
पर छात्र ने सौंदर्यशास्त्र में घुसने से इनकार कर दिया, वह गीत के अर्थशास्त्र में घुस गया।छात्र बोला-ये हीरो जरुर फुक्का है, छत पर क्यों ले जा रहा है। कहीं और क्यों नहीं ले गया। अरे ठीक है, तब शापिंग माल नहीं थे, मल्टीप्लेक्स नहीं थे। पर वह होटल तो ले जा सकता था। किसी ढंग से रेस्त्रां में क्यों नहीं ले गया।मैंने समझाने की कोशिश की
–बेटा तब इस तरह की गतिविधियों के केंद्र के रुप में छत को ही मान्यता मिली हुई थी। सब छत पर ही जाते थे।दूसरा छात्र बोला-बाई दि वे छत का मीनिंग क्या होता है।मैंने समझाया
-बेटा छत यानी की टाप फ्लोर से भी ऊपर टाप मतलब एकदम टापमटाप।छात्र बोला-ओजी कमाल करते हो, पच्चीस फ्लोर की हमारी बिल्डिंग, इसमें कोई लड़का अगर किसी लड़की को छत पर ले जायेगा, तो आयेगा कब। दो घंटे तो जाने में लग लेंगे। फिर वापसी। और कोई दिल का कच्चा हो, तो बीच में टें बोल जायेगा। ये छत पर जाने, ले जाने का काम तो बहूत रिस्की है। और फिर छत है ही कहां। वहां तो जाने कहां-कहां का कूड़ा-कबाड़ भरा पड़ा है।मैंने आगे समझाने की कोशिश की
-बेटा तुम छत पर ही अटक गये, आगे गाना पूरा सुनो। तुझे चांद के बहाने देखूं, समझो हीरो कितनी महीन बात कह रहा है।पर चांद दिखता ही कहां है। हमारे आगे तीस फ्लोर की बिल्डिंग है। पीछे पच्चीस फ्लोर की बिल्डिंग है। अगल-बगल शापिंग माल है। चांद दिखता ही कहां है। चांद ही नहीं दिखता , तो उसके बहाने किसे देखें। पर गोरी को देखने के लिए चांद का बहाना क्यों चाहिए-एक छात्र ने एकदम ठोस समस्या रखी।देखो
, बच्चो अब बहाने दूसरे टाइप के होते हैं। अब तो कंबाइंड स्टडीज से लेकर कालेज फंक्शन के बहाने सब एक दूसरे को देख लेते हैं। पर तुम गाना आगे सुनो ना, इसमें लड़कों के कैरेक्टर पर कमेंट है। गाने में हीरोईन कह रही है कि अभी छेड़ेंगे गली के सब लड़के, चांद बैरी छिप जाने दे। यानी लड़कों का कैरेक्टर हमेशा से कुछ ऐसा ही टाइप का रहा है। वैजयंती माला भी उनकी छेड़ाखानी की शिकायत करती थीं और अब की हीरोईनें तो करती ही हैं-मैंने छात्र को एक्सप्लेन करने की कोशिश की।नहीं सर आप गाने का गलत इंटरप्रिटेशन कर रहे हैं। हीरोईन ने कहा कि अभी छेड़ेंगे गली के सब लड़के यानी लड़कों के छेड़ने का समय पूर्व-निर्धारित है और वह समय सबको पता है, लड़कों को भी, हीरोईन को भी। तो जी उस टाइम तो बहुत मजे थे, लड़कों के छेड़ने के लिए समय निर्धारित कर दिया जाता था। अब तो ऐसा कुछ नहीं होता जी-एक छात्र ने अपनी व्याख्या पेश की।तुम पूरे गीत को समझो ना। हीरो हीरोईन को बता रहा है
-तेरी चाल है नागिन जैसी, जोगी तुझे ले जायेंगे। समझो इस गीत के मर्म को समझो-मैने गीत को आगे समझाने की कोशिश की।जी अगर नागिन का मामला है, तो फिर तो टीवी चैनल वाले ले जायेंगे। नागिन बनी प्रेमिका, नागिन का प्रेम का टाइप कुछ धांसू प्रोग्राम बनायेंगे, ये जोगी क्यों ले जायेंगे। नागिनों का काम तो टीवी चैनलों को पड़ता है ना कि जोगियों को। या उस दौर में जोगी लोग टीवी चैनल चलाया करते थे क्या-छात्र आगे पूछ रहा है।अब आप ही बताइए कि नये छात्रों को पुराने गीत कैसे समझाये जायें।
आलोक पुराणिक मोबाइल-09810018799



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