Home | व्यंग्य
Newsletter
Email:

व्यंग्य

back 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 next total: 57 | displaying: 25 - 30

कामरेड शंख बजायेगा, टाटा बढ़ता जायेगा

पश्चिम बंगाल के एक सीनियर कामरेड नेता की डायरी हाथ लग गयी है। डायरी के सारे विवरण चूंकि आन रिकार्ड कर रहा हूं, इसलिए उन
Full story

मान गये भाई कवि!!

मान गये भाई कवि जी आपको. बड़े अजू्बे जीव हो. रात को जब सारा जग सो जाता है, घोर अंधेरा छा जाता है तब जागते ...
Full story

कुछ नये धंधे

शायद करोड़पति सज्जन थे। चेहरे पर ग्रेटनेस की चौबीस कैरेटी आभा, फर्स्ट ए सी में यात्रा कर रहे थे। रास्ते भर अपने धंधे के किस्से ...
Full story

मोबाइल शिष्टाचार

हलो हाऊ डू यू टाइप शिष्टाचार के दिन सिर्फ लद ही नहीं गये हैं, बल्कि बहुत पहले लद गये हैं। अब मामला बहुत फूं-फां हो ...
Full story

मूषक पीर सही न जाये!!

मैने देखा है जो चुप रहता है और सीधा होता है, उसका फायदा सब लोग उठाते हैं. अब जरा सी आत्मा, बेचारा चूहा, क्या हालत ...
Full story

शेर और बकरी की नयी कहानियां

मसला डिफरेंटात्मक हो गया है।पुरानी कहावतों के नये मायने बच्चे तलाश लाते हैं, उन्हे समझाना मुश्किल हो गया है। शेर और बकरी एक ही घाट ...
Full story
back 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 next total: 57 | displaying: 25 - 30
लागिन