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व्यंग्य

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दो कबूतर कथायें

कबूतर कथा एक - हट एमपीबाजी करता हैकबूतर अपनी कबूतरी को घर छोड़ गया, इसमें नयी बात नहीं थी। कबूतर अपनी कबूतरी को अकसर घर
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सुबह की सैर के बहाने पालीथीन से मुलाकात

ऐसा बहुत कम होता है कि हम सबेरे सोने के अलावा और कोई काम करें। हमें इसीलिये सारे योगासनों में शवासन /निद्रासन बहुत भाता है। ...
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दुई पाटन के बीच में..

आज सुबह सुबह टहलने निकला. मन पता नहीं क्यूँ अनमना सा था. जबकि मौसम बड़ा खुशनुमा था. मगर इधर अक्सर मैं देख रहा हूँ कि ...
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बाल गिरते क्यों हैं?

समीरलाल जी की बाल आरती पढ़ी!समीरलाल जी गिरते बालों की महिमा बखान रहे हैं:-हे प्रभु, हे बाल मेरे,अपना गिरना रोकियेइस तरह न बीचभव सागर मेंहमको ...
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ताली पुराण

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ताली पुराण की मुण्ड़लियाँ लिखते समय मेरे दिल में यह ख्याल कतई नहीं था कि जब हम कविता पाठ करें तो लोग तालियां बजायें. यह ...
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जूते की सुनो, वो तुम्हारी सुनेगा...

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तो हमारे महात्म का हम खुद क्या बखान करें. बड़ा शरमा सा जाते हैं. आप तो जानते ही हैं कि हम १४ साल तक अयोध्या ...
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लागिन