गूगल अपनी स्क्रीन ग्रे कर दे तो कितनी बिजली बचेगी?
गूगल सर्च इन्जन की बैकग्राउन्ड स्क्रीन सफ़ेद है लेकिन अगर यह अपनी स्क्रीन ग्रे कर दे तो क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि इससे कितनी बिजली बचेगी?
सीआरटी मानीटर्स की सफ़ेद स्क्रीन पर 74 वाट बिजली खर्च होती है जबकि काली स्क्रीन पर 59 वाट और ग्रे स्क्रीन पर 63 वाट विजली खर्च होती है. यानी कि काली स्क्रीन पर पन्द्रह वाट और ग्रे स्क्रीन पर 11 वाट बिजली बचती है.
गूगल पर लगभग एक अरब सर्च प्रति दिन आती हैं. यदि यह माना जाय कि एक सर्च को केवल दस सेकन्ड्स ही देखा जाय तो गूगल 550,000 घन्टे रोजाना देखाजाता है. दुनियां के कुल मानीटर्स में से लगभग 25 प्रतिशत मानीटर सीआरटी मानीटर्स हैं.
अब इस 550,000 घन्टे की बिजली की 11 से 15 वाट की बिजली की बचत कितनी होती है?
रु.30 लाख प्रति दिन से भी ज्यादा. ये सारा का सारा पैसा हिन्दुस्तान, चीन जैसे दैशों में बचेगा जहां 80 प्रतिशत से भी ज्यादा मानीटर्स सीआरटी मानीटर्स हैं.
और यह बचत गूगल के सिर्फ़ कुछ लाइन के कोड बदलने पर ही हो जायेगा. बस तब आपको गूगल कुछ एसा दिखेगा.
तो अगर आप प्रोग्रामर हैं तो आगे से एसा कोड लिखिये कि कम्प्यूटर की स्क्रीन ग्रे रंग की हो, न कि सफ़ेद. कुछ तो भला होगा दुनियां का. तब तक मैं भी हिन्दीगियर की स्क्रीन ग्रे करने की कोशिश करता हूं
ये निष्कर्ष मार्क आन्टकुश, बोस्टन मासाचुएट्स के है.
हां तो गूगल बाबा, कब भला कर रहे हो दूसरी दुनियां के देशों का?



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